Strict action in cow slaughter case

चंडीगढ़ में गौवंश मृत्यु मामले में सख्त कार्रवाई, एमओएच निलंबित, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

Strict action in cow slaughter case

Strict action in cow slaughter case

Strict action in cow slaughter case- चंडीगढ़| चंडीगढ़ में गौवंश की मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए नगर निगम चंडीगढ़ (एमसीसी) के आयुक्त एवं उपायुक्त, चंडीगढ़ ने मंगलवार को मौके का दौरा कर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और तत्काल सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मृत गौवंश के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके साथ ही मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीएम) करेंगे। जांच में निदेशक, पशुपालन विभाग, उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), पूर्व तथा संबंधित क्षेत्र के उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) एडीएम को सहयोग प्रदान करेंगे। एडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए।

एमओएच निलंबित, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त

नगर निगम चंडीगढ़ ने चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य (एमओएच) डॉ. इंदरदीप कौर को निलंबित कर दिया है। साथ ही गौशाला में तैनात संविदा कर्मियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। इनमें डॉ. रविंदर सिंह ढिल्लों (पशु चिकित्सक), रामलाल सिंह (स्वच्छता निरीक्षक), लवली (पर्यवेक्षक) तथा अन्य मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) शामिल हैं। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौशालाओं के प्रबंधन में सुधार के निर्देश

नगर निगम को गौशालाओं के बेहतर प्रबंधन और समग्र पशु कल्याण सुनिश्चित करने, विशेष रूप से स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत निर्णय लिया गया है कि संयुक्त आयुक्त, नगर निगम चंडीगढ़ गौशाला संचालकों के साथ प्रत्येक पखवाड़े समीक्षा बैठक करेंगे।

इसके अतिरिक्त, पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की एक समर्पित टीम द्वारा गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाएगा, ताकि पशुओं की आवधिक चिकित्सा जांच और स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित हो सके। समय पर उपचार एवं गौवंश के समग्र कल्याण के लिए चौबीसों घंटे निगरानी, पारदर्शिता बढ़ाने तथा पशु देखभाल एवं सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जाएंगे।

चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशु कल्याण सुनिश्चित करना और नगर निगम सुविधाओं के संचालन में सख्त जवाबदेही बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।